तुम अपना पक्ष रखो तो तुम देश के युवा, और हम अपना पक्ष रखें तो हम अंधभक्त?
ये दोहरा मापदंड अब नहीं चलेगा।
आज जब हम मोदी जी के समर्थन में बोलते हैं तो हमें ट्रोल किया जाता है, हमें अंधभक्त कहा जाता है। पर सवाल ये है कि क्या देश के विकास का समर्थन करना अंधभक्ति है?
हम मोदी जी का समर्थन इसलिए नहीं करते कि वो किसी पार्टी से हैं, हम समर्थन इसलिए करते हैं क्योंकि उन्होंने वो करके दिखाया जो 70 साल में नहीं हुआ।
हम समर्थन क्यों करते हैं:
1. सोच ईमानदार, काम दमदार: एक ऐसा प्रधानमंत्री जो सुबह 4 बजे उठकर देश के लिए सोचता है, जिसका अपना कोई परिवार नहीं, जिसका परिवार ही 140 करोड़ देशवासी हैं। न बैंक बैलेंस, न बंगला, न विरासत का मोह।
2. भारत को विश्व गुरु बनाना: आज भारत बोलता है तो दुनिया सुनती है। G20, योग दिवस, चंद्रयान, वैक्सीन मैत्री - ये नया भारत है जो किसी के सामने झुकता नहीं, आंख में आंख डालकर बात करता है।
3. गरीब के लिए समर्पण: शौचालय, उज्ज्वला गैस, जनधन खाता, आयुष्मान भारत, पक्का मकान, नल से जल - ये योजनाएं कागजों में नहीं, जमीन पर उतरी हैं। जिस गरीब ने कभी बैंक का दरवाजा नहीं देखा था, आज वो भी डिजिटल इंडिया का हिस्सा है।
4. संस्कृति का सम्मान: धारा 370 हटाना, राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक - जो हमारी संस्कृति को गाली देते थे, आज उन्हें भी समझ आ गया है कि भारत अपनी जड़ों से ही आगे बढ़ेगा।
तुम्हें हक है सरकार को गाली देने का, हमें भी हक है सच्चाई के साथ खड़े होने का। तुम विरोध करो, तुम्हें क्रांतिकारी कहा जाएगा, हम समर्थन करें तो अंधभक्त?
नहीं, हम अंधभक्त नहीं हैं। हम वो आंख वाले भक्त हैं जो देख रहे हैं कि देश बदल रहा है।
हम मोदी जी के साथ थे, हैं, और रहेंगे। क्योंकि ये व्यक्ति नहीं, विचार है - भारत को परम वैभव तक ले जाने का विचार।
गर्व से कहो - हम मोदी समर्थक हैं!
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